पंचकूला,, 29 अगस्त। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यहां कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर जागरूकता कार्यक्रम कराया गया। जिसका आयोजन एडीआर केंद्र, जिला न्यायालय परिसर में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों के साथ ही आंतरिक शिकायत समितियों की सदस्यों को पीओएसएच अधिनियम के प्रावधानों और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में जागरूक करना था।
डीएलएसए पंचकूला की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव सुश्री अपर्णा भारद्वाज ने बताया कि यह कार्यशाला माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए ऑरेलियानो फर्नांडीस बनाम गोवा राज्य एवं अन्य 2024 (1) एससीसी 632 के निर्णय के अनुपालन में आयोजित की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने हेतु कर्मचारियों और समिति सदस्यों के लिए नियमित अभिविन्यास और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया है।
कार्यक्रम के पैनल अधिवक्ता राठी और सुश्री शिवानी ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में कार्य किया और विषय पर अपनी विशेषज्ञता साझा की। कार्यशाला में कुल 61 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो 11 विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
सीजेएम सुश्री भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि डीएलएसए पंचकूला कानूनी जागरूकता फैलाने और समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत नियमित रूप से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
