अमृतसर 29 अगस्त 2025—
रवि नदी में बढ़े जलस्तर के कारण अजनाला और लोपोके उपमंडलों के कई गांवों में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर श्रीमती साक्षी साहनी के नेतृत्व में युद्ध स्तर पर राहत कार्य जारी रखा हुआ है , जिसमें सिविल टीमों के अलावा सेना , एन.डी.आर.एफ. , पुलिस और एन.जी.ओ. लगातार काम कर रहे हैं ।
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुँचाने के लिए टीमें उनके घर-घर पहुँच रही हैं और ज़रूरतमंदों को पीने का पानी, राशन , दवाइयाँ, पशुओं के लिए चारा और चारा लोगों की ज़रूरत के अनुसार लगातार वितरित किया जा रहा है । आज प्रभारी सचिव श्री कमल किशोर यादव ने यहाँ चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की । उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील की और कहा कि प्रशासन ने जिले में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं जहां रहने और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है ।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए उपायुक्त श्रीमती साक्षी साहनी ने बताया कि रावी नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण लगभग 50 गांव प्रभावित हुए हैं । उन्होंने कहा कि अब तक हमारी टीमें पानी में फंसे एक हजार से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी हैं । उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस की मदद से हमने बाढ़ पीड़ितों को 45,000 रुपये मुहैया कराए हैं। हमने लगभग 17,000 पानी की बोतलें और 17,000 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए हैं । इसके अलावा, पशुपालन विभाग ने पंजाब एग्रो के सहयोग से पशुओं के लिए लगभग 100 क्विंटल सूखा चारा और 50-50 किलो के 850 बैग वितरित किए हैं । पशुपालन विभाग ने पशुओं के इलाज के लिए विभिन्न स्थानों पर पशु चिकित्सकों की तैनाती की है और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद मरीजों के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं और डॉक्टर वहां इलाज और मुफ्त दवाइयाँ उपलब्ध करा रहे हैं । वे कहा वह नागरिक शल्य चिकित्सक डॉ. किरणदीप नेतृत्व नीचे स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को एम्बुलेंस और दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा दल भी तैनात किए हैं।
आज डिप्टी कमिश्नर अमृतसर के साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री रोहित गुप्ता , एस. डी.एम अमृतसर श्री गुरसिमरन सिंह ढिल्लों , एस. डी.एम अजनाला श्री रविंदर सिंह , जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्री अमनदीप सिंह , सचिव रेड क्रॉस श्री सैमसन मसीह और अन्य अधिकारी सुबह 6:00 बजे से राहत कार्य में लगे हुए हैं । आज जहां जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी रहा, वहीं जरूरतमंदों को पेयजल और राशन की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई ।
जिला पुलिस प्रमुख श्री मनिंदर सिंह अपनी टीम के साथ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं और वे सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से जरूरतमंदों को निकालने और राहत सामग्री वितरित करने में लगे हुए हैं ।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्थिति सामान्य होने तक प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में ही रहें । राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए आवास , भोजन , दवाइयाँ और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इस बीच, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी श्री राजेश कुमार ने बताया कि गाँव जट्टां, पछियाँ , निसोके , नंगल सोहल , मच्छीवाला , बौली , रमदास , गग्गोमहल , अवान , मलकपुर , दुजोवाल , थोबा और सूफी गाँवों के स्कूलों की इमारतें पूरी तरह से पानी में डूबी हुई हैं । उन्होंने कहा कि चम्यारी और सुधार स्कूल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आए सेना के जवानों ने अपने आवास बना लिए हैं और हम उन्हें हर तरह से सहयोग कर रहे हैं ।
कैप्शन : प्रभारी सचिव कमल किशोर यादव एवं उपायुक्त श्रीमती साक्षी साहनी राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए । चल रहे राहत और बचाव कार्यों के दृश्य