न्यूज इंपैक्ट –वेस्ट तहसील में बेशकीमती जमीन की जाली रजिस्ट्री मामले में विजिलेंस का एक्शन

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तहसीलदार जगसीर सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, वकील गिरफ्तार, क्या किंगपिन को पकड़ सकेगी विजिलेंस

राजदीप सिंह सैनी

लुधियाना 28 फरवरी। कैनाल रोड पर गांव नूरपूर में मौजूद एनआरआई की बेशकीमती जमीन की जाली रजिस्ट्री करके हड़पने के मामले में विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज की और से एक्शन ले लिया गया है। इस मामले में विजिलेंस की और से लुधियाना की वेस्ट तहसील में तहसीलदार समेत 9 लोगों के खिलाफ जाली रजिस्ट्री करने के आरोप में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया है। विजिलेंस लुधियाना रेंज द्वारा तहसीलदार जगसीर सिंह सरां, खरीदार दीपक गोयल, नंबरदार बघेल सिंह, रजिस्ट्री क्लर्क कृष्ण गोपाल, वकील गुरचरण सिंह, अमित गौड़, जाली दीप सिंह, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रॉपर्टी डीलर रघबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि इस मामले में वकील गुरचरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि बाकी आरोपी अभी फरार है। जिनकी तलाश की जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि तहसीलदार जगसीर सिंह द्वारा मामले का खुलासा होने पर अपना बचाव करने को खुद ही थाना पीएयू में शिकायत दे दी थी कि जाली रजिस्ट्री हुई है और इसकी जांच की जाए। जबकि अब खुद ही आरोपी पाया गया।

यूटर्न टाइम अखबार ने किया था खुलासा

जानकारी के अनुसार यूटर्न टाइम अखबार की और से इस मामले का खुलासा किया था। इस मामले को सबुतों के साथ प्रमुख्ता से प्रकाशित करके बताया गया था कि आखिर कैसे वेस्ट तहसील में तहसीलदार जगसीर सिंह द्वारा अपनी टीम के साथ मिलकर घोटाले किए जा रहे हैं। जिसके बाद विजिलेंस द्वारा मामले में संज्ञान लिया गया।

विजिलेंस चीफ ने दिए थे जांच के आदेश

एसएसपी विजिलेंस रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि गांव नूरपूर में एक एनआरआई दीप सिंह की जमीन है। दीप सिंह पिछले कई सालों से परिवार समेत अमेरिका रह रहा है। हलका वेस्ट तहसील में उक्त जमीन की जाली रजिस्ट्री होने का मामला सामने आया था। जिसके चलते विजिलेंस चीफ द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।

करोड़ों की जमीन और 30 लाख में हुआ इकरारनामा

विजिलेंस द्वारा वेस्ट तहसील में जाकर जांच की। जिससे पका चला कि 11 फरवरी 2025 को जाली दीप सिंह (विक्रेता) और पंचकुला के दीपक गोयल (खरीदार) के बीच 30 लाख रुपये में एक बिक्री इकरानामा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को असली दीप सिंह बताकर तहसील कार्यालय में पेश होकर इस जमीन की रजिस्ट्री करवाई।

सभी आरोपियों ने मिलकर किया फ्रॉड

विजिलेंस के अनुसार जांच के दौरान रजिस्ट्री (बिक्री डीड) के दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया और इसकी जांच की। इस बिक्री डीड को तहसीलदार पश्चिम लुधियाना, जगसीर सिंह सरां द्वारा नकली दीप सिंह की मौजूदगी में तस्दीक किया गया था। खरीदार दीपक गोयल की ओर से अमित गौड़ नामक एक व्यक्ति पेश हुआ और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर प्रॉपर्टी डीलर रघबीर सिंह, वकील गुरचरण सिंह और नंबरदार बघेल सिंह समेत गवाहों ने नकली दीप सिंह की असली जमीन मालिक के रूप में पहचान की थी। यानि के सभी ने मिलकर यह फ्रॉड की साजिश रची थी।

फर्जी आधार कार्ड से हुआ खुलासा

जांच से पता चला कि असली मालिक दीप सिंह जिसकी उम्र 55 साल, जो कि जन्म से ही अपने परिवार समेत अमेरिका में रह रहा है। जबकि इस फर्जी रजिस्ट्री करवाने वाले दीप सिंह ने एक फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया, जिसमें उसकी उम्र 39 साल जन्म 1985 दर्शायी गई, जबकि असली दीप सिंह का जन्म 1971 में हुआ था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि जांच में पाया गया है कि राजस्व विभाग के कर्मियों द्वारा भी इस मामले में गंभीर गलतियां और लापरवाहियां की गई हैं, जो इसमें शामिल लोगों के पिछले रिकॉर्ड की पुष्टि करने में असफल रहे।

किंगपिन तहसीलदार, क्या उस पर डाली जा सकेगी नुकेल

वहीं चर्चा है कि इस मामले में असली किंगपिन तहसलीदार जगसीर सिंह है। लेकिन जगसीर सिंह को अभी तक विजिलेंस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि चर्चा है कि उसकी नेटवर्थ एक हजार करोड़ के करीब है। जिसके चलते आशंका है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अब सभी की आंखें विजिलेंस पर टिकी है। देखना होगा कि विजिलेंस द्वारा इस किंगपिन को गिरफ्तार कर लिया जाएगा या दूसरे आरोपियों को ही पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाएगी।

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