होशियार ! अगर आप हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जा रहे हैं तो वहां के हालात समझकर ही रवाना हों

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कुल्लू में घरों में घुसा पानी, मलबे में दबी गाड़ियां, पंडोह डैम लबालब, चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर पलटी बस

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उत्तराखंड के माणा कैंप के पास हिमस्खलन में दबे 57 मजदूर, 10 को बाहर निकाले, अन्य की तलाश जारी

नई दिल्ली 28 फरवरी। इसे कुदरत से खिलवाड़ का नतीजा ही कहेंगे कि देश के पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर भारी तबाही मची है। पंजाब से लगते हिमाचल प्रदेश में कुल्लू एरिया में घरों में बारिश का पानी भर गया। जबकि लैंडस्लाइडिंग की वजह से मलबे में कई गाड़ियां गई। वहीं पंडोह डैम लबालब हो गया और चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर एक निजी बस पलट गई।

दूसरी तरफ, यूपी से लगते उत्तराखंड में माणा कैंप के पास हिमस्खलन में निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर दब गए। इनमें ले 10 को बाहर निकाल गिए। जबकि अन्य की तलाश जारी में रेस्क्यू टीमें जुटी थीं। हिमाचल प्रदेश में बारिश से तबाही हो रही है। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में भारी बारिश के बाद आज सुबह लोगों के घरों और होटलों में पानी घुस गया। नाले में बाढ़ की वजह से कई गाड़ियां मलबे में दब गई। प्रदेश में जगह जगह सड़कों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं पेश आ रही है।

भारी बारिश के बाद मंडी में पंडोह डैम का जलाशय पानी से भर गया है। इसे देखते हुए पंडोह डैम के गेट को खोल दिया गया है। इसे देखते हुए डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने पंडोह डैम से नीचे ब्यास नदी के किनारे नहीं जाने की एडवाइजरी जारी की है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर आज सुबह लैंडस्लाइड की चपेट में प्राइवेट बस आ गई। पहाड़ी गिरने के बाद बस पलट गई और सड़क किनारे लगी दीवार पर जाकर रुकी। इसमें ड्राइवर और कंडक्टर सहित 4 लोग घायल हो गए। घायलों का नगवांई अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सूचना के अनुसार, शुक्रवार सुबह 6.50 बजे मनाली से पठानकोट जा रही निजी बस जब बनाला के पास पहुंची, तो यहां पहाड़ी से अचानक लैंडस्लाइड हो गया। इसमें ड्राइवर जसवंत सिंह, कंडक्टर अंकुश और दो अन्य यात्री घायल हो गए। दीवार से बस नीचे गिरती तो यहां बड़ा हादसा हो सकता था।

पहाड़ी में मलबा गिरने से पलटी बस

पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के बाद बस सड़क किनारे पलट गई। गनीमत यह रही की बस नीचे खाई में नहीं गिरी। लैंडस्लाइड के बाद चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद यातायात के लिए बंद हो गया।

एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि सुबह के वक्त यह हादसा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सरकार ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रदेश में बीते तीन दिन से रुक रुक कर बारिश हो रही है। मगर बीती रात से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश जारी है। इससे कई नाले उफान पर आ गए है। लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हो गई है।

शिमला से किन्नौर जिला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 5 भी निगुलसरी के पास लैंडस्लाइड के बाद बंद हो गया है। होली-चंबा सड़क पर भी भारी भूस्खलन हुआ है। इससे यह सड़क गरोला के पास बंद हो गई है।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच शुक्रवार को भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र में माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन हुआ है। इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर बर्फ में दब गए। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि अब तक 10 मजदूरों को निकाल लिया गया है। वहीं, तीन लोगों को आईटीबीपी व सेना की मदद से सेना अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अन्य की तलाश जारी है। क्षेत्र में मौसम खराब होने के चलते संचार सेवा ठप पड़ी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा और माणा पास के बीच हिमस्खलन होने से मजदूरों के दबने की सूचना है। एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है। सेना, आईटीबीपी रेस्क्यू में लगी है। एनडीआरएफ की टीम  को भी मूव कर दिया गया है। बदरीनाथ हाईवे के हनुमान चट्टी से आगे बर्फबारी के कारण अवरुद्ध होने से एनडीआरएफ की टीम माणा कैंप तक भी नहीं पहुंच पाई है।

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