डेराबस्सी 26 Feb : एक सड़क हादसे में मारे गए 24 वर्षीय शिवम मरणोपरांत नेत्रदान कर दो लोगों के अंधियारे जीवन में रोशनी दे गए। शिवम् के पिता ने जवान बेटे की मौत के बाद लायंस क्लब, डेराबस्सी के परामर्श से पीजीआई, चंडीगढ़ में बेटे की आंखे दान करने का फैसला लिया। पिता अमित ने बताया कि शिवम् प्राइवेट सेक्टर में ऑफिसर था ।परिवार में शिवम् की एक छोटी बहन हैं और वो स्टडी के साथ साथ सर्विस भी कर रही हैं। अमित ख़ुद रियल एस्टेट का बिज़नेस करते हैं । लायंस क्लब के राजेश सैदा ने बताया कि शिवम् के पिता ने बहुत हिम्मत दिखाई और इस मुश्किल घड़ी में भी अपने बेटे की आँखों को डोनेट करने का फ़ैसला किया । यह डोनेशन की प्रक्रिया पीजीआई के डॉक्टर्स द्वारा की गई । लायंस क्लब अब तक 15 लोगो की आखें डोनेट करवा चुका हैं जिससे की 30 लोगों के अंधकार जीवन में रोशनी हुई है। इस अवसर पर लायंस क्लब के प्रधान नितिन जिंदल ने शिवम् के परिवार का बहुत धन्यवाद किया और लोगो से अपील की है कि वे आँखों की डोनेशन बारे ज़्यादा से ज़्यादा अवेयर हो ताकि लोगो के अंधकार जीवन में उजाला हो सके ।
फोटो सहित : नेत्रदानी शिवम की फाइल फोटो।