हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार का जवाब, अदालत ने इस बारे में हलफनामा देने को कहा
चंडीगढ़ 24 सितंबर। खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू मामले में पंजाब सरकार ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया है। सरकार की तरफ से उस समय के एसएसपी, एसपी, डीएसपी और तत्कालीन सीआईए इंचार्ज को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं।
यह जानकारी मंगलवार को पंजाब सरकार की तरफ से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान दी गई। लॉरेंस बिश्नोई के पुलिस हिरासत में हुए इंटरव्यू को लेकर गठित एसआईटी ने खुलासा किया था कि उसका पहला इंटरव्यू सीआईए के खरड़ थाना मोहाली में हुआ था। सितंबर, 2022 में रिकॉर्ड किया गया यह इंटरव्यू सात माह बाद मार्च, 2023 में जारी किया गया था।
जबकि दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जेल में हुआ था। जिसके चलते एसआईटी की रिपोर्ट से पंजाब सरकार के उस दावे की पोल खुल गई थी, जिसमें कहा गया था कि इंटरव्यू पंजाब की हद में नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच स्पेशल डीजीपी ह्यूमन राइट्स प्रबोध कुमार की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी की ओर से सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पहला इंटरव्यू सीआईए के खरड़ थाने में हुआ था।
जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि जिन अफसरों को शोकॉज नोटिस जारी किया है, वह इस समय कहां पर तैनात है। केवल शोकॉज नोटिस ही जारी किया है। इस पर सरकार ने कहा कि कार्रवाई शुरू हो गई है। जैसे उनका जवाब आएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने कहा कि उनकी तरफ से जो जानकारी दी गई है, उसे एफेडेविट रूप में दिया जाए।
बताते हैं कि वहीं, अदालत ने खरड़ सीआईए के इंचार्ज शिव कुमार के बारे में विशेष तौर पूछा कि वह कहां पर तैनात है। सरकारी वकील ने कहा कि वह रिटायर हो चुके हैं। हालांकि उन्हें एक्सटेंशन दी गई है। अदालत ने पूछा कि किस आधार पर दी गई है, इस बारे में विस्तार बताया जाए।
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