हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल नारा नहीं, बल्कि 21वीं सदी में भारत को अग्रणी आर्थिक शक्ति बनाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री आज पंचकूला में आयोजित आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त विचार–मंथन ‘विकसित भारत–विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने और 2030 तक पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। आत्मनिर्भर भारत का सार है उद्योग, कृषि, शिक्षा, कौशल, तकनीक और व्यापार में स्वावलंबन।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए पाँच स्तंभ इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड आज राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। हरियाणा इन सभी स्तंभों को सुदृढ़ करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री हरियाणा को ‘भारत का ग्रोथ इंजन’ कह चुके हैं।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को खाद्यान आत्मनिर्भरता दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई है और राज्य अब विविधीकरण, दलहन–तिलहन उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है। उद्योग क्षेत्र में ‘हरियाणा आत्मनिर्भर पोर्टल’ उद्यमियों को योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध करा रहा है। 12 लाख से अधिक MSME द्वारा 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों के अंतर्गत लगभग 400 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर में हरियाणा दे रहा राष्ट्रीय योगदान
उन्होंने कहा कि ‘पदमा कार्यक्रम’ के माध्यम से हर ब्लॉक में क्लस्टर स्तर पर औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा है। 48 विभागों में 1100 से अधिक गैर-जरूरी नियम समाप्त कर उद्योग-सुलभ माहौल तैयार किया गया है। पिछले 11 वर्षों में 7.66 लाख MSME स्थापित हुए हैं, जिनसे 39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने डेमोग्राफी को महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि हरियाणा का लक्ष्य नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवा तैयार करना है। ‘हरियाणा स्टार्टअप नीति–2022’ के बाद राज्य में 9,500 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को 1.14 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है और 2,000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डिमांड–सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए हरियाणा अपने NCR क्षेत्र को बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित कर रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक्सप्रेस–वे, फ्रेट कॉरिडोर, मल्टी–मॉडल लॉजिस्टिक हब, ग्रीनफील्ड परियोजनाएं तथा गुरुग्राम की 1000 एकड़ ‘ग्लोबल सिटी’, IMT सोहना में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर और हिसार–नारनौल के औद्योगिक क्लस्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। HSIIDC द्वारा 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप स्थापित करने पर कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर अधिवक्ताओं और उपस्थित जन–प्रतिनिधियों से यह आह्वान किया कि वे 1 दिसंबर को प्रातः 11 बजे एक साथ एक मिनट का गीता–पाठ कर गीता जयंती के इस पावन पर्व से स्वयं को जोड़ें और समाज में धर्म, कर्तव्य तथा राष्ट्र निर्माण के संदेश का प्रसार करें।
मुख्यमंत्री ने यह उल्लेख भी किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कर्नाटक के उडुपी दौरे के दौरान कुरुक्षेत्र में निर्मित महाभारत विषयक ‘अनुभव केंद्र’ का विशेष रूप से जिक्र किया है और देशवासियों से अपील की है कि वे अवश्य इस अद्वितीय केंद्र का अवलोकन करें।
