जालंधर 30 नवंबर। जालंधर में पुलिस ने मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस ने आरोपियों को पहली बार अनोखे ढंग से गिरफ्तार किया। इसके लिए गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया। इसमें पुलिस वाले ही डॉक्टर और कंपाउंडर बने। जैसे-जैसे लोग चेकअप के लिए आते गए उनके फोटो खींचे जाते रहे। कुछ संदेह वाले फोटो रेप विक्टिम मां-बेटी को भेजे गए। जैसे ही मां-बेटी ने आरोपियों की पहचान की तो उनको पुलिस पार्टी ने काबू कर लिया। बता दें कि लोहियां ब्लॉक के एक गांव में 24 नवंबर को मां-बेटी के साथ गैंगरेप हुआ था। 36 साल की विधवा और उसकी 19 साल की शादीशुदा बेटी ने लोहियां पुलिस को 4 युवकों के खिलाफ शिकायत दी थी। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क टीम सहित मौके पर पहुंचे। महिला पुलिस ने दोनों से जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
50 से अधिक कर्मचारियों की टीम लगाई
एसएसपी विर्क ने बताया कि सभी आरोपियों को ट्रेस करने के लिए एसपी सरबजीत राय के नेतृत्व में टीम बनाई गई। डीएसपी इंदरजीत सिंह, ओंकार सिंह बराड़, सुखपाल सिंह, सीआईए स्टाफ इंचार्ज पुष्पबाली व 50 से अधिक कर्मचारियों की टीम मैदान में उतारी। क्राइम सीन से लेकर 20 किलोमीटर के दायरे में 350 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
पहले एक साथ रेड का प्लान बना फिर बदला
सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि आरोपी बाइक से आए थे। पुलिस ने पहले 20 किलोमीटर के दायरे में सर्च की। इसके बाद इसे 5 किलोमीटर के दायरे में लेकर आई। जहां से पुलिस को आरोपियों के बारे में पहली लीड मिली। पता चला कि आरोपी लोहियां के वार्ड नंबर-1 की कॉलोनी में रहते हैं। यहां समस्या ये पैदा हो गई कि अगर घरों में एक साथ सर्च करते हैं तो आरोपी भाग सकते हैं। दूसरा पुलिस को उनके चेहरों की पहचान भी नहीं है।
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